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गीता जैन और प्रताप सरनाईक को अभी भ्रष्टाचार क्यूँ दिखाई दे रहा है? : हेमंत म्हात्रे

अपना मतलब पूरा नहीं होने के कारण गीता जैन ने छोड़ा भाजपा का दामन?

अपना मतलब पूरा नहीं होने के कारण गीता जैन ने छोड़ा भाजपा का दामन?

भाईंदर प्रतिनिधि: भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी की कट्टर समर्थक और भाजपा के ही दिग्गज विधायक नरेंद्र मेहता को धूल चटाने वाली निर्दलीय विधायक गीता जैन के शिवसेना में आधिकारिक रूप से प्रवेश करने के बाद से ही मीरा भाईंदर शहर की राजनीति में काफ़ी हलचल मच गई है। दशहरे की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे की उपस्थिति में और भाजपा सांसद राजन विचारे, पालकमंत्री एकनाथ शिंदे, विधायक प्रताप सरनाईक और पूर्व विधायक गिल्बर्ट मेंडोंसा भी इस पक्ष प्रवेश के कार्यक्रम में उपस्थित रहे। गीता जैन के शिवसेना में प्रवेश करते ही शहर में राजैनतिक आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। जहाँ एक ओर शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक और गीता जैन ने संयुक्त रूप से पत्रकार परिषद लेकर भाजपा के महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मीरा भाईंदर भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक गीता जैन ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने एक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप झेल रहे और विवादास्पद छवि वाले विधायक का समर्थन करते हुए जनता का भारी विरोध होने के बाद भी सिर्फ नरेंद्र मेहता के साथ उनकी भागीदारी होने के कारण उन्हें टिकट ना देते हुए नरेंद्र मेहता को विधानसभा का टिकट दिया जिसके कारण मीरा भाईंदर शहर में भाजपा के उम्मीदवार की हार हुई। साथ ही गीता जैन ने नरेंद्र मेहता पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए।
शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि मीरा भाईंदर शहर में, राज्य में और केंद्र में भाजपा की सत्ता होने के बावजूद शहर का विकास ना होकर सिर्फ एक ही व्यक्ति का विकास हुआ है और इस वक्त शहर में भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा पर पहुंच चुका है। प्रताप सरनाईक ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अब भष्टाचार करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा और अब गीता जैन और प्रताप सरनाईक दोनों भाई-बहन मिलकर शहर में हो रहा भष्टाचार खत्म करेंगे।
राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप के इसी कड़ी में आगे भाजपा के मीरा भाईंदर शहर के जिलाध्यक्ष हेमंत म्हात्रे ने भी आज एक प्रेस कांफ्रेंस कर दोनों विधायकों के आरोपों का जमकर खंडन किया। हेमंत म्हात्रे ने शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक पर तंज कसते हुए कहा कि वो पिछले पंद्रह साल से शहर के विधायक हैं और अब तक भाजपा-शिवसेना के साथ गठबंधन में रहे हैं तब उन्हें भ्रष्टाचार क्यूँ नही दिखाई दिया? साथ ही हेमंत म्हात्रे ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर वाकई में भ्रष्टाचार हुआ है तो उस भ्रष्टाचार में वो भी बराबर से शामिल रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत म्हात्रे ने विधायक गीता जैन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर भाजपा में उनका सम्मान नही किया जाता है तो वो भाजपा की महापौर कैसे बनी? हेमंत म्हात्रे ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए गीता जैन पर आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद गीता जैन चाहती थी की पूरी भाजपा पार्टी उनके हाथों में सौंपी जाए ताकि वो उसे अपनी मर्जी से चला सकें लेकिन भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और पार्टि की अपनी विचारधारा है, संगठन है और पार्टि किसी एक व्यक्ति के इशारों नही बल्कि अनुशासन और नियमों से चलती है। गीता जैन एक वर्ष तक कोशिश करती रही कि पार्टी पर उनका वर्चस्व स्थापित हो लेकिन जब ऐसा नही हो पाया तो पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाते हुए उन्होंने शिवसेना में प्रवेश कर लिया। हेमंत म्हात्रे ने भाजपा में चल रही गुटबाज़ी के सवाल पर भी जवाब देते हुए कहा कि जो गीता जैन दावा कर रही थी कि भाजपा के आधे से ज्यादा नगरसेवक उनके साथ हैं वो बात पूरी तरह झूठी साबित हो चुकी है क्योंकि अभी हाल ही हुए सभी छह प्रभाग समितियों के चुनावों में भाजपा के सभी नगरसेवक सभापति पद पर चुने गए हैं। उल्टे भाजपा ही शिवसेना की नगरसेविका दीप्ति भट का एक वोट तोड़ने में सफल रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत म्हात्रे ने दोनों विधायकों को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर उन्हें लगता है कि शहर में भ्रष्टाचार हो रहा है तो अभी राज्य में महाविकास आघाड़ी की सरकार बनी है तो अगर उनमें दम है तो वो भष्टाचारी अधिकारी और नेताओं पर कार्रवाई कर के दिखाए सिर्फ़ कैमरे पर धमकियां ना दें।
इसी बीच ऐसा लग रहा है कि शहर के राजनैतिक पार्टियों के नेताओं द्वारा एक दूसरे पर व्यक्तिगत रूप से किए जा रहे इन आरोप- प्रत्यारोप के बीच जनता से जुड़े मुद्दे कहीं न कहीं पीछे छूटते नज़र आ रहे हैं अब देखना होगा कि यह लड़ाई आगे क्या रंग लाती है और जैसा कि शिवसेना के दोनों विधायक शहर से भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म करने का दावा कर रहे हैं वो कर पाते हैं या नहीं यह तो आनेवाला समय ही बताएगा।

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सर्व हक्क मुख्य संपादक यांचे कडे असून त्यांच्या परवानगी शिवाय काहीही कॉपी करू नाही.
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