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मीरा भाईंदर के सुपुत्र वीर शहीद मेजर कौस्तुभ राणे की वीर पत्नी बनी सेना में लेफ्टिनेंट!

पति की शहादत के बाद भी बड़े धैर्य से निर्णय लेते हुए सेना में हुई शामिल!

भाईंदर, प्रतिनिधि : मीरा भाईंदर के वीर सुपुत्र शहीद मेजर कौस्तुभ राणे की वीर पत्नी कनिका राणे भी अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गईं हैं और जल्द ही देश की सेवा में कार्यरत हो जाएंगी। शनिवार को उनके कंधे पर लेफ्टिनेंट पद के दो स्टार लगाये गए जो कि मीरा भाईंदर शहरवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है। कनिका राणे ने हाल ही में चेन्नई स्थित सैन्य अधिकारी अकादमी में प्रशिक्षण पूरा किया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले 6 अगस्त 2018 को उत्तरी कश्मीर के गुरेज सेक्टर में आतंकवादियों की घुसपैठ को नाकाम करते हुए मेजर कौस्तुभ राणे वीरगति को प्राप्त हो गये थे। उस समय उनका इकलौता पुत्र 2 साल का था। तब उनकी पत्नी उनके पद चिन्हों पर चलते हुए सेना में जाने का निर्णय किया था। पति के शहीद होने के बाद कठिन समय मे भी उन्होंने खुद को और अपने 2 साल के बेटे को संभालते हुए सैन्य भर्ती परीक्षा की तैयारी भी करती रही। कनिका खुद एक कंप्यूटर इंजीनियर भी हैं साथ ही उन्होंने एमबीए भी किया हुआ हैं। शाहिद मेजर कौस्तुभ राणे का परिवार मीरा रोड के शीतल नगर इलाके में रहता है।

बहुत साहसिक कदम :
इस विषय मे कनिका राणे ने मीडिया को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने तो बस अपने पति के साथ जिम्मेदारियों की अदला-बदली की है, क्योंकि उनकी जगह पर वे भी रहते तो शायद यही करते। उन्होंने कहा कि वह अपने पति के उन सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भारतीय सेना में आई हैं, जो वे अपने पीछे छोड़ गए हैं। शहीद मेजर की माता ज्योति राणे ने उस समय मीडिया से कहा था कि उनकी बहु कनिका ने सेना में जाने का निर्णय लेने से परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि जितना खुशी बेटे के सेना में भर्ती होने के समय हुई थी, उतनी ही खुशी बहु के सेना में जाने के निर्णय से हुई है। पति खोने के बाद उसने दुःख को मात देते हुए सेना में जाने का निर्णय लिया और सालभर में ही उसकी तैयारी भी की यह बहुत ही साहसिक कदम है जिसका हमें बहुत ही गर्व महसूस हो रहा है।

मीरा भाईंदर के वीर शाहिद मेजर कौस्तुभ राणे वीरगति प्राप्त होने पर शहरवासियों पर दुःख की काली छाया पड़ गई थी लेकिन उनकी पत्नी कनिका राणे ने देशप्रेम की परंपरा को कायम रखते हुए सेना में भर्ती होने का निर्णय लिया इससे शहरवासियों में मन में फिर एक बार अभिमान की किरणें फुट गई है।

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सर्व हक्क मुख्य संपादक यांचे कडे असून त्यांच्या परवानगी शिवाय काहीही कॉपी करू नाही.
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