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लोहे की रॉड से मारपीट के बाद पति की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत पर उठाया सवाल! पत्नीने लगाया हत्या का आरोप!

काशीमीरा पुलिस पर मामले की सच्चाई को उजागर करने है बड़ी चुनौती!

मीरारोड, प्रतिनिधि : मीरारोड के पूर्व में मीरा गांवठन के निवासी शंभू जाधव की 26 अक्टूबर को उनके आवास पर संदिग्ध तरीके से मौत हो गई थी। उनकी पत्नी सुरेखा शंभू जाधव ने काशीमीरा पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रॉपर्टी हड़प करने की साजिश के कारण उसके पति को उनके ही सगे भाई दीपक जाधव, उनकी पत्नी गुलाब दीपक जाधव और एक अन्य अज्ञात व्यक्तिने ने लोहे की रॉड से पीटपीटकर मार डाला है।

शिकायतकर्ता सुरेखा शंभू जाधव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछली 24 अक्टूबर की रात को दीपक जाधव के घर के सामने नशे में धुत शंभु जाधव ने काफ़ी हंगामा किया था और उसी दौरान उसने दीपक जाधव के घर के सामने खड़ी दीपक जाधव की कार का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद गुस्साए दीपक जाधव, उसकी पत्नी गुलाब जाधव और उनके एक अन्य अज्ञात साथीदार ने मिलकर शंभू जाधव को लोहे की रॉड और लकड़ी के डंडे से बुरी तरह पीटा और एक कमरे में बंद कर दिया। दो दिन बाद शंभू जाधव का शव उसी कमरे में पाया गया था।

शंभु जाधव की संदिग्ध अवस्था में मृत्यु होने के बावजूद भी दीपक जाधव ने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी और ना ही उसके बच्चों, पत्नी या अन्य रिश्तेदारों को बताया और आननफानन में शंभू जाधव का अंतिम संस्कार कर भी दिया। शिकायतकर्ता सुरेखा जाधव ने आरोप लगाया कि दीपक जाधव ने बिना पोस्टमार्टम किए उसी क्षेत्र के डॉ पांडे से एक मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और उसी के आधार पर शंभू जाधव के मृत शरीर का निपटारा कर दिया।

दीपक जाधव, शंभू जाधव और उनके दो मृतक भाई ऐसे कुल मिलाकर चार भाई थे। दो भाइयों की मौत पहले ही हो चुकी है और अब शंभू और दीपक दोनों अपने मीरागांवठन क्षेत्र में करोड़ों की पैतृक संपत्ति के उत्तराधिकारी थे। दीपक जाधव पिछले कई सालों से अकेले ही यह संपत्ति हड़पने की कोशिश कर रहा था। क्योंकि शंभू जाधव को शराब की लत थी और वो दीपक जाधव से बार-बार पैसे मांगता रहता था। इस प्रोपर्टी के कारण कई बार इन दोनों में झगड़े होते रहते थे और दिपक जाधव ने पहले भी कई बार शंभु जाधव के साथ बुरी तरह से मारपीट की है।

शंभू जाधव और उनके भाई दीपक जाधव ने कई बार संपत्ति को लेकर झगड़ा किया था और दीपक जाधव ने शंभू जाधव के साथ पहले भी कई बार मारपीट की थी। दीपक जाधव एक अपराधीक पृष्ठभूमि का व्यक्ति है और उस पर कई गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज है। स्वर्गीय शंभू जाधव की पत्नी सुरेखा जाधव ने आरोप लगाया है कि प्रॉपर्टी हड़प करने के लिए ही उसके पति को रास्ते से हटा दिया गया है।

जिस दिन शंभू जाधव की मौत हुई उसी दिन उसके बेटे ने चुपके से शंभू जाधव के लाश की तस्वीरें खींची है तोउसके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं। इससे ऐसा लगता है की शंभू जाधव की अस्वाभाविक रूप से मृत्यु हुई है। ऐसे में शंभु जाधव की पत्नी ने आशंका जताई है की जब मृतक के शरीर पर चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं तो मृत्यु प्रमाणपत्र देनेवाले डॉक्टर पांडे ने इसकी सूचना पुलिस को भी क्यों नहीं दी? या फिर लाश का पोस्टमार्टम करने के लिए क्यों नहीं किया गया?

यदि किसी व्यक्ति की असमय, अस्वाभाविक रूप से मौत हो जाती है या मृतक के शरीर पर गंभीर चोटें पाई जाती हैं तो डॉक्टर को ऐसे मामले में तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए और लाश को पोस्टमार्टम को भेज देना चाहिए ताकि मृत्यु के सही कारणों का पता लगाया जा सके। लेकिन इस मामले में डॉक्टर ने ऐसे ना करते हुए लाश की जांच किये बिना ही मृत्यु प्रमाणपत्र बना दिया उसीके आधार पर महानगरपालिका ने शंभू जाधव के शव का दाह संस्कार कर प्रमाण पत्र भी बनाया और आनफानन में शंभु के लाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक, शंभू जाधव की पत्नी सुरेखा जाधव ने काशीमीरा पुलिस स्टेशन में जो लिखित शिकायत दर्ज कराई है उसी के आधार पर काशीमीरा पुलिस जांच कर रही है और सबूतों के आधार पर ही पुलिस तय करेगी की दिपक जाधव और उसके साथीदारों पर हत्या की धाराएं लगाईं जाए या नहीं।

हालांकि अब इस मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन एक व्यक्ति की असमय, अस्वाभाविक रूप से मृत्यु हो गई है और इसलिए यह उम्मीद की जाती है कि इस मामले की निष्पक्ष रूप से जांच की जाए और उसके मृतक के आत्मा को न्याय दिलाया जाए।

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