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भाजपा नगरसेवक एवं महामंत्री एड रवि व्यास ने की विरोधीपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस से मुलाक़ात!

मीरा-भाईंदर शहर की राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाज़ार फ़िर हुआ गर्म!

मीरा-भाईंदर, प्रतिनिधि : रविवार 03 जनवरी को नए साल की शुरुआत में ही मीरा-भाईंदर शहर के राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाज़ार तब गर्म हुआ जब भाजपा के नगरसेवक एवं महामंत्री एड रवि व्यास ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विरोधीपक्षनेता देवेंद्र फडणवीस से मुलाक़ात की जिसके फ़ोटो सोशल मीडियापर वायरल किये गए जिसके बाद शहर में तर्कवितर्क किये जाने लगे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वैसे तो यह मुलाक़ात अनौपचारिक थी ऐसा कहा जा रहा है लेकिन पिछले कई दिनों से मीरा-भाईंदर शहर की भाजपा इकाई में गुटबाजी अपने चरमपर है। भाजपा के अंदर A ग्रुप और B ग्रुप ऐसे दो ग्रुप बन गए हैं ऐसी चर्चाएं हो रही हैं। जिल्हाध्यक्ष हेमंत म्हात्रे और रवि व्यास के साथी नगरसेवकों का A ग्रुप और पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता समर्थकों का B ग्रुप बताया जा रहा है। जिल्हाध्यक्ष हेमंत म्हात्रे द्वारा बुलाई गई पार्टी की कई महत्वपूर्ण बैठकों में नरेंद्र मेहता समर्थक आधे से ज्यादा नगरसेवक उपस्थित नहीं होते हैं तो वहीँ महासभा के विषयों पर चर्चा के लिए महापौर या उपमहापौर द्वारा बुलाई गई आढावा बैठक हो या कोई अन्य बैठक हो जिसमे खुद जिल्हाध्यक्ष हेमंत म्हात्रे, महामंत्री और नगरसेवक रवि व्यास और उनके समर्थक नगरसेवक भाग नहीं लेते हैं। तो ऐसे समय में नगरसेवक रवि व्यास और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की यह मुलाक़ात होना कई नए राजनैतिक समीकरणों के संकेत भी दे रही है।

वैसे यह मुलाक़ात एक और कारण से भी चर्चा का विषय बानी हुई है की, जब राज्य में भाजपा-शिवसेना की सत्ता थी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस थे तब विधायक नरेंद्र मेहता और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नजदीकियां पुरे देश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी रही हैं। एक राज्य के मुख्यमंत्री होने बावजूद देवेंद्र फडणवीस हर एक-दो महीने में किसी न किसी कार्यक्रम के बहाने से मीरा-भाईंदर शहर में आते रहते थे और जब भी मीरा-भाईंदर शहर में आते तो विधायक नरेंद्र मेहता के घर जरूर जाते थे। और यही कारण था की पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और विधायक नरेंद्र मेहता के व्यवसायिक संबंध होने की चर्चाएं आज भी की जाती है।

2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अपने ही पार्टी की बाग़ी उम्मीदवार गीता जैन से अनपेक्षित रूप से चुनाव हारने के बाद और पिछले कुछ महीनों पहले नरेंद्र मेहता ने अपने व्यक्तिगत कारणों से भाजपा के सभी पदों से इस्तीफ़ा देकर सक्रीय राजनीति से हमेशा-हमेशा के लिए संन्यास लेने की घोषणा की और शहर की राजनीति में हड़कंप मच गया। उनके इस निर्णय के कारण ऐसे लग रहा था की अब मीरा-भाईंदर शहर में भाजपा पार्टी बिखर जायेगी। लेकिन नरेंद्र मेहता ने भले ही पार्टी से और राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की हो लेकिन आज भी वो पर्दे के पीछे से पार्टी की कमान अपने हाथों में संभालते हुए हैं पार्टी को नियंत्रित कर रहे हैं और पार्टी के हर निर्णय उनके मर्जी से ही लिए जा रहे हैं ऐसा कहा जा रहा है। यही कारण था की उनकी इस कार्यप्रणाली से नाराज होकर जिल्हाध्यक्ष हेमंत म्हात्रे की अगुवाई में रवि व्यास, दरोगा पांडे, सुरेश खंडेलवाल, अशोक तिवारी, मुन्नासिंह, दीपाली मोकाशी इत्यादि लगभग पच्चीस नगरसेवकों का एक गुट अलग से तैयार हो गया है जिसे अब भाजपा के निष्ठावान लोगों का A ग्रुप कहा जा रहा है तो वहीँ नरेंद्र मेहता के निष्ठावान लोगों के गुट को B ग्रुप कहा जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों से मीरा-भाईंदर शहर में ऐसी भी चर्चाएं होती रही है की 2021 नए साल के शुभारम्भ पर पिछली सभी अच्छी-बुरी घटनाओं को भूलकर नरेंद्र मेहता भारतीय जनता पार्टी में फिर से जोरदार आगमन करेंगे और भाजपा के जिल्हाध्यक्ष के पदपर विराजमान होकर शहर में एकबार फिर पार्टी की कमान संभालेंगे! ऐसे संकेत उन्होंने खुद भी दिए थे। लेकिन उनकी ही पार्टी के युवा नेता और दिग्गज नगरसेवक रवि व्यास ने पिछले कुछ दिनों से जिस तरह की राजनैतिक सक्रियता दिखाई है और पार्टी की कमान अपने हाथों में लेने के लिए जिस तरह की रणनीति अपनाई है उससे तो ऐसा लगता है की पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता का पार्टी में पुनरागमन करना इतना भी आसान नहीं होने वाला है। ऐसे समय में देवेंद्र फडणवीस और रवि व्यास की यह मुलाक़ात एक नए राजनैतिक समीकरण का संकेत है ऐसा कहा जा रहा है।

कहते हैं की जब किसी व्यक्ति पर मुसीबतें आती हैं और वह व्यक्ति बुरे दौर से गुजरने लगता है तब उस व्यक्ति से उनके करीबी कहे जानेवाले लोग भी किनारा कर लेते हैं। ऐसा ही कुछ पूर्व नरेंद्र मेहता के बारे में भी देखने को मिल रहा है। जब नरेंद्र मेहता विधायक थे, शहर की सत्ता उनके हाथों में थी और शहर के राजनीति में उनकी तूती बोलती थी तब उनके इर्दगिर्द हजारों निष्ठावंतों की भीड़ लगी रहती थी लेकिन अब जब वो चुनाव हार गए हैं, राज्य में भी भाजपा की सत्ता नहीं रही, उनके ऊपर कई गंभीर आरोप लगे, कई मामले दर्ज हुए ऐसे में कई लोगों ने उनसे किनारा कर लिया है। सीआरझेड में पर्यावरण के कई नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया 711 क्लब का विवाद गहराने के बाद से ही कहा जा रहा है की पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके संबध भी पहले जैसे उतने अच्छे नहीं रहे हैं और इन्ही विवादों के कारण उन्होंने नरेंद्र मेहता से दुरी बनाई हुई है। इसीलिए नगरसेवक रवि व्यास और पूर्व मुख्यमंत्री और विरोधीपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस की यह मुलाक़ात एक नए राजनैतिक समीकरणों की ओर इशारा कर रही है।

मीरा-भाईंदर शहर में अब चर्चा यही हो रही है की नरेंद्र मेहता जैसे दिग्गज नेता को दरकिनार कर शहर के किसी और के हाथों में भारतीय जनता पार्टी की कमान सौपना इतना भी आसान नहीं होगा जिसने अपने अकेले के बलबूते पर 61 नगरसेवकों जितवाकर शहर में पूर्ण बहुमत से सत्ता हासिल की है। तो वहीँ नगरसेवक रवि व्यास जैसे दिग्गज युवानेता की चुनौती सामने होने से नरेंद्र मेहता का पार्टी में पुनरागमन करना उनके लिए इतना भी आसान नहीं होगा। अब यह राजनैतिक ऊंट किस करवट बैठता है यह तो आनेवाला समय ही बताएगा लेकिन फ़िलहाल तो जनवरी की ठण्ड में शहर के राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाज़ार गर्म हुआ है यही कहा जा सकता है।

नए साल की शुभकामनाएं देने के लिए हम देवेंद्र फडणवीस जी से मिलने गए थे और उस समय शहर के विकासकार्यों से संबंधित कुछ चर्चाएं हुई है इसके अलावा कोई भी अन्य राजनैतिक अर्थ ना निकाले जाएँ! – एड रवि व्यास (भाजपा नगरसेवक तथा महामंत्री)

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