मुंबई

दुर्घटना में घायल हुए 26 वर्षीय युवक की आंखों को बचाने में वॉक्हार्ट अस्पताल के डॉक्टर सफल रहे!

मिरारोड, प्रतिनिधि : एक गंभीर दुर्घटना में घायल हुए 26 वर्षीय युवक की आंखों को बचाने में मिरारोड के वॉक्हार्ट अस्पताल के डॉक्टरों को सफलता हासिल हुई है। इस दुर्घटना के कारण युवक अपनी दृष्टी खो देता लेकिन, डॉक्टरों के अथक प्रयासों की बदौलत उनकी दृष्टि बच पाई है। अब युवक की सेहत में सुधार हो रहा है और उसे घर भेज दिया गया है।

पालघर के रहने वाले यश कनौजिया का मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में उनका चेहरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। पहले उन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया लेकिन जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ फ़िर उन्हें मिरारोड के वॉक्हार्ट अस्पताल में दाखिल किया गया।

इस बारे में मिरारोड स्थित वॉक्हार्ट अस्पताल के सलाहकार मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. अब्दुल हमीद ने कहा की, “जब उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया तो मरीज की हालत बहुत गंभीर थी। चेहरे पर गंभीर चोट थी ऐसी स्थिति में तुरंत सीटी स्कैन कराया गया। मेडिकल जांच में पता चला कि मरीज की आंखों के आसपास चेहरे की हड्डियों में कई फ्रैक्चर थे। यदि समय रहते इलाज नहीं किया जाता तो दृष्टि जा सकती थी। इसे ध्यान में रखते हुए, आंख के बाहर की हड्डी के फ्रैक्चर को तुरंत शल्य चिकित्सा द्वारा ठीक किया गया। सर्जरी के बाद, उन्हें आवश्यक दवाइयां दी गई। ”

डॉ. हामीद ने आगे कहा, “आगे की जटिलताओं से बचने के लिए सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। सर्जरी तीन से चार घंटे तक चली। ऐसी गंभीर स्थिति में भी अगर समय पर निदान और उपचार किया जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है। ”

मरीज के पिता पापु कनोजिया ने कहॉं, “लड़के की दुर्घटना की खबर सुनकर हम घबरा गये थे। हादसे में लडके के चेहऱेपर बहुत ही चोटें थी। आंखों पर चोट लगने के कारण आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई। लेकिन, डॉक्टर ने हमें हमारे बेटे की आँखों को बचाने का आश्वस्त किया था। आज केवल डॉक्टर के प्रयासों के कारण मेरे बेटे की आंखो की रोशनी बच पाई है। 2021 में, हमारे बेटे को नया जीवन मिला है। ”

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