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जनता के कठीण समय में घरों में दुबककर बैठे भाजपा नेताओं ने मनपा आयुक्त डांगे के ख़िलाफ़ खोला मोर्चा ! दो घण्टे बेकरी खुली रखने के आदेश का कर रहे हैं विरोध !

Apr 29 2020 4:58PM

भाइंदर, प्रतिनिधि : मीरा भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में पिछले कुछ दिनों से भारी मात्रा में बढोतरी होने के कारण कोरोना के पॉजिटिव मरीजों की संख्या दिन ब दिन बढती जा रही है। इसी विषय पर चर्चा करने के लिए पिछले सोमवार 27 अप्रैल को महापौर ज्योस्तना हसनाले की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई गई जिसमे मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे समेत उपमहापौर हसमुख गेहलोत, कांग्रेस गटनेता जुबेर इनामदार समेत शहर के सभी प्रमुख नेता और पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक और प्रशासन के सभी बड़े अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक में मीरा भाइंदर शहर में सपूर्ण लॉक डाउन को 03 मई तक आगे बढ़ाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था। इस बैठक में मुसलमानों के रमज़ान महीने का मुद्दा उपस्थित करते हुए कांग्रेस गटनेता जुबेर इनामदार ने साफ़ साफ़ शब्दों कह दिया था की अगर कोई रियायत देनी है तो शहर की सभी जनता को ध्यान में रखकर दी जाए वरना सिर्फ़ मुसलमानों के रमज़ान महीने को ध्यान में रखते हुए कोई ढील नहीं दी जाए वरना ऐसे आरोप लगाए जाएंगे की नयानगर के मुसलामानों को छूट देने की वजह से शहर में कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ा है। हालांकि इस लॉकडाउन में से कुछ जीवनावश्यक वस्तुओं की बिक्री करने वाले दुकानदारों को शर्तो के आधार पर छूट दी गई है जैसे दूध की दुकानें सुबह 07 से 11 बजे तक खुली रहेंगी, सभी तरह की जीवनावश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी का समय बढ़ाकर सुबह 09 से रात 11 बजे तक किया गया, मेडिकल स्टोर हमेशा की तरह सुबह 09 से रात 09 बजे तक खुली रहेंगी, आटे की चक्की भी पहले की तरह खुली रखने का आदेश जारी किया गया इस आदेश में सभी बेकरी की दुकाने सुबह 02 से लेकर 04 बजे तक खुली रखने के भी आदेश दिए गए हैं लेकिन अब इसी दो घंटे बेकरी खुले रखने के आदेश पर मीरा भाईंदर शहर के भाजपा के नगरसेवक ध्रुव किशोर पाटिल, नगरसेवक सुशिल अग्रवाल, नगरसेवक रवि व्यास, पूर्व नगरसेवक आसिफ शेख समेत कई नेताओं ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है की सिर्फ मुसलमानों का पवित्र रमज़ान का महीना चल रहा है और सिर्फ उनको राहत पहुंचाने के लिए ऐसा निर्णय लेना उचित नहीं है। हालांकि यह निर्णय मनपा आयुक्त ने किसी एक समाज को ध्यान में रखते हुए नहीं लिया है। क्यूंकि अगर बेकरी की दुकाने सुबह 02 खुलेंगी तभी ब्रेड, पाँव, खारी, टोस्ट और दूसरे सभी बेकरी प्रोडक्ट दूध की दुकानों पर पहुंचाए जाएंगे जिससे शहर के लोगों यह सामान मिल पायेगा। लेकिन शायद इसी बहाने से भाजपाई नेताओं को मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे पर हमला करने का एक मौका मिल गया है। इसीलिए सभी भाजपाई नेता अब यह आरोप लगा रहें है की यह निर्णय सिर्फ़ मुसलमानों का रमज़ान महीने को ध्यान में रखते हुए उन्हें राहत पहुंचाने के लिए लिया गया है। हालांकि आयुक्त यह निर्णय महामारी प्रतिबंधक अधिनियम के तहत उन्हें दिए गए "सक्षम अधिकारी" के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए लिया है लेकिन मीरा भाइंदर शहर में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सत्ता है। भाजपा के ही महापौर, उपमहापौर, स्टैंडिंग चेयरमेन और लगभग सभी समितियों पर भाजपा का ही कब्ज़ा है ऐसे में मनपा आयुक्त द्वारा लिया गया यह निर्णय भाजपा के नेताओं को अँधेरे में रखकर लिया गया होगा यह बात जनता को हजम नहीं हो रही है। फिर सबसे बड़ा सवाल यह है की आखिर भाजपा नेता इस कोरोना जैसे महामारी के कठीण समय में भी अपनी राजनीति क्यों कर रहे है? तो इसके पीछे भाजपा के कुछ बड़े नेताओं की पुरानी रंजिश बताई जा रही है। जब मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे मीरा भाइंदर शहर में नियुक्त किये गए थे तो उन्होंने अपना पदभार संभालते ही कुछ कठोर निर्णय लेते हुए पूर्व विधायक नरेंन्द्र मेहता के कई अवैध बांधकामों को तोडा था। साथ ही आयुक्त डांगे ने मनपा में चल रही टेंडर प्रक्रिया में भी कई ऐसे निर्णय लिए हैं जिसमे कई भाजपा नेताओं की दाल नहीं गल रही है। इसी बात की वजह से पिछले कई महीनों से भाजपाई नेताओं में और मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे के बिच काफ़ी तनातनी और नाराज़ी दिखाई दे रही थी। साथ ही जब से कोरोना वाइरस की महामारी फैली है और देशभर के साथ साथ मीरा भाईंदर शहर में भी संपूर्ण लॉकडाउन किया गया है इस प्रक्रिया में भी आयुक्त डांगे ने कुछ कठोर निर्णय लिए है जो भाजपाई नेताओं को रास नहीं आ रहे है और तभी से भाजपा नेता मौके की तलाश में बैठे थे की कब मनपा आयुक्त कोई मौका दे और कब उन्हें लक्ष्य किया जाए। और आखिरकार अब दो घण्टे बेकरी खुले रखने के इस निर्णय के बहाने उन्हें यह मौका मिल ही गया बल्कि भाजपाई नेताओं ने तो दोहरी चाल चली है। एक तरफ उन्होंने मनपा आयुक्त को लक्ष्य किया है तो दूसरे तरफ मुसलमानों को भी लक्ष्य करने का मौका उन्हें इसी बहाने से मिल गया है। अब भाजपा नेताओं का आरोप है की सिर्फ दो घंटे बेकरी खुली रखने से भीड़ इकठ्ठा होगी और इससे शहर में कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। कई भाजपा नेताओं ने तो सोशल मिडिया पर यहाँ तक लिखा है की मीरा भाइंदर शहर में नयानगर जैसे मुस्लिम बहुल इलाक़े में ही भीड़ ज्यादा इकठ्ठा होती है जिसके चलते कोरोना के संक्रमण का ख़तरा बढ़ गया है। लेकिन दूसरी ओर अब इसी बहाने शहर में इस बात की चर्चा हो रही है की जबसे कोरोना नामक महामारी फैली है और पुरे देशभर में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है तब से लेकर आजतक कुछ एक नगरसेवकों को छोड़कर कोई भाजपाई नेता शहर की जनता को राहत पहुंचाने के लिए आगे आता दिखाई नहीं दिया और नाही कसी भाजपाई समाजसेवकों ने जनता को हो रही तकलीफों को दूर करने के कोई पहल की है। लोगों ने तो यहाँ तक आरोप लगाएं की आज जनता को दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं हो रहा है लेकिन कोई कार्यसम्राट नगरसेवक उनके हालचाल पूछने तक नहीं आये। लेकिन जैसे आयुक्त ने सुबह के दो घण्टे बेकरी खुली रखने का आदेश जारी किया वैसे ही भाजपा के सभी नेता सोशल मिडिया पर अपने अपने तरीके से विरोध जताने के लिए बाहर निकल आये है। दरअसल उन्हें बेकरी खुली रखने से कोई आपत्ति नहीं लेकिन उन्हें मनपा आयुक्त को टार्गेट करने का एक अच्छा मौका मिल गया और इसी मौके फायदा उठाते हुए भाजपा नेताओं ने आयुक्त के ख़िलाफ़ अपना मोर्चा खोल दिया है। शहर में चर्चा इस बात पर भी हो रही है की मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे के विरोध करने के पीछे का सूत्रधार असल में कोई और ही है जो पर्दे के पीछे से अपनी भड़ास निकाल रहा है और वो सूत्रधार कौन है यह बात शहर की जनता अच्छी तरह से जानती है। लेकिन मुद्दे की बात तो यह है की मनपा आयुक्त डांगे और सत्ताधारी भाजपा नेताओं के बिच चल रही इस अनबन का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। आज आम जनता को दो वक्त खाने के लाले पड़ गए हैं। रोजगार बंद होने से घरों रखा राशन भी अब समाप्त होता जा रहा है। गरीब मजदूरों को तो कम्युनिटी किचन के माध्यम से प्रशासन खाना पहुंचा रही है लेकिन जो माध्यम वर्ग के लोग हैं जो अपनी आपबीती किसी को बता भी नहीं सकते ऐसे लोग काफ़ी परेशान हैं और उन्हें राहत पहुंचाने की बहुत सख़्त जरुरत हैं। लेकिन इस बात पर सत्ताधारी भाजपा के नेताओं को ध्यान देना उचित नहीं लग रहा है लेकिन दो घण्टे बेकरी खुली रखने की बात को राजनैतिक मुद्दा बनाकर जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया जा रहा है। अब देखना होगा की मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे यह निर्णय वापस लेते हैं या फिर अपनी कठोर भूमिका पर कायम रहते हैं।

प्रतिक्रिया





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Visitor Name : देबाशीष दास

Email : debasisdas44@yahoo.com

Comments : Good news channel ever

07/05/2020
Visitor

Visitor Name : ????? ??????

Email : aaplilekhni@gmail.com

Comments : बॅलन्स और अच्छी न्युज है. बढिया.भाई

29/04/2020










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