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करता कोई और है और भरता कोई और! कांग्रेस की अंतर्गत विरोधी राजनीति के चक्कर में फंसे समाजसेवी युवक।

May 3 2020 4:59PM

03 मई, मीरारोड, प्रतिनिधि : कहते हैं की कभी कभी किसी और के किये की सजा किसी ओर को ही भुगतनी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला मीरारोड के नयानगर इलाके में घटित हुआ है। मामला ऐसा है कि बीते 26 अप्रैल रविवार को नयानगर इलाके के तीन नगरसेवकों समेत 6 लोगों के एक शिष्टमंडल ने मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे से मुलाकात कर नयानगर इलाके में रमजान के महीने को ध्यान में रखते हुए फल और सब्जियों की दुकानें कुछ समय के लिए खुली रखने की छूट दिए जाने की मांग की। नगरसेवकों की मांग पर चर्चा करने के बाद आयुक्त चंद्रकांत डांगे ने उन्हें आश्वासन दिया था कि इस बात पर वो गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ही इस पर कोई निर्णय लेंगे। लेकिन कांग्रेस की नगरसेविका सारा अकरम ने अतिउत्साह में आकर इस बारे में एक मेसेज बनाकर व्हट्सएप ग्रुप मे शेयर कर दिया जिसमें लिखा गया की 27 अप्रैल से फल और सब्जियों की दुकानें खुली रखने का आश्वासन मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे ने दिया है तो जल्द ही लोगों को राहत मिल सकती है। जबकि उसके अगले ही दिन सोमवार 27 अप्रैल को महापौर ज्योत्सना हसनाले की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई और मीरा भाईंदर शहर में संपूर्ण लाॅकडाऊन 03 मई तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। लेकिन कांग्रेस नगरसेविका सारा अकरम ने जोश में आकर व्हाट्सएप ग्रुप में मेसेज पहले ही डाल दिया था कि 27 तारीख से नया नगर इलाके में कई जगहों पर बैरिकेड्स खोल दिए जाएंगे साथ ही फल और सब्जियों की दुकानें भी खुल जाएंगी। यही मैसेज नया नगर में वायरल होने के बाद उनकी ही पार्टी के कुछ राजनैतिक विरोधियों ने इसके खिलाफ मनपा आयुक्त और पुलिस प्रशासन से शिकायत की और पुलिस पर दबाव बनाया कि इन लोगों पर झूठी अफवाह फैलाने के लिए मामला दर्ज किया जाए। पुलिस ने भी इस मामले का संज्ञान गंभीरता से लेते हुए खुद फरियादी बनकर नयानगर पुलिस स्टेशन में महामारी प्रतिबंधक अधिनियम और कोवीड -19 के धाराओं के अंतर्गत कांग्रेस के तीन नगरसेवक सारा अकरम, नरेश पाटिल, अमजद शेख समेत नया नगर के सामाजिक कार्यकर्ता इब्राहिम सय्यद, रफीक शेख और अब्दुल रहमान रिझवी इन छह लोगों पर मामला दर्ज किया है। लेकिन इस बारे में नया नगर इलाके में सामाजिक कार्य करनेवाले इब्राहिम सय्यद, रफीक शेख और अब्दुल रहमान रिझवी इन युवाओं का कहना है की कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के चलते उन्हें बेवजह इस केस में फंसाया गया है। उनका कहना है की जो मेसेज वाइरल किया गया है वो मेसेज हमने नहीं लिखा है और ना ही हमने किसी को भेजा है। साथ ही उनका यह भी कहना है की उस व्हाट्सएप मेसेज में हमारा सिर्फ नाम लिखा गया है सिर्फ इसी वजह से हमें भी आरोपी बनाना कहाँ तक उचित है? इन युवाओं का कहना है की ये जो मेसेज व्हाट्सएप पर भेजा गया है वो जिसने भी अपने मोबाइल से भेजा है दरअसल उसी पर केस दर्ज होना चाहिए था लेकिन ऐसा न करते हुए हम तीनों को भी आरोपी बनाया गया है। हम तो तीनों कोंग्रेसी नगरसेवकों के साथ मनपा आयुक्त से मिलने गए थे ताकि रमज़ान के महीने में नया नगर के लोगों को कुछ राहत मिल सके। और आयुक्त ने भी हमें आश्वासन दिया था की इस बारे में वो गंभीरता से सोचेंगे। और यही वजह है की मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे ने एक आदेश पारित किया जिसमे सभी बेकरियों को सुबह 02 बजे से 04 बजे तक खुली रखने का निर्णय लिया गया? फिर इसमें हमने क्या अफवाह फैलाई? इस मामले में छठे आरोपी अब्दुल रहमान रिझवी का तो कहना है की मेरा तो इस मामले से दूर दूर तक कोई लेनादेना नहीं है मै तो आयुक्त से मिलने भी नहीं गया था चाहे तो आप उस दिन का सीसीटीवी फुटेज देख सकते हैं लेकिन इसके बावजूद मुझे सिर्फ इसलिए आरोपी बनाया गया हैं क्योंकि जो मेसेज वाइरल हुआ है उसमे मेरा नाम लिखा गया है। ऐसे अगर हमारे नाम से कोई दूसरा व्यक्ति कुछ भी मेसेज भेजेगा तो उसके लिए हम कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं? इन युवाओं में से इब्राहिम सय्यद और रफ़ीक शेख का आरोप हैं की हम नया नगर इलाके में बज्मे रज़ा कमेटी के माध्यम से सालों से जनता की सेवा करने में लगे हैं जब भी लोगों को कोई भी मुसीबत आती है तो हम और हमारे कार्यकर्ता सबसे पहले लोगों की मदद करने पहुँच जाते है। यही वजह है की यहाँ के कुछ स्थानीय कांग्रेसी नेताओं को हमारा समाज कार्य देखा नहीं जाता और वो हमेशा किसी ना किसी बहाने से हमें निशाना बनाने का मौका ढूंढ़ते रहते हैं और इसबार कांग्रेस की अंदरूनी विरोधी राजनीति में हमें भी लपेटा गया है लेकिन कोई बात नहीं हम तो नया नगर के लोगों की सेवा करने की नियत से काम करते है और ऐसी आगे भी करते रहेंगे। इस मामले की वजह से कांग्रेस की अंतर्गत विरोधी राजनीति फिर एकबार खुलकर सामने आई है। देखा जाए तो जिन तीन नगरसेवकों पर केस दर्ज हुआ है उनमे से नरेश पाटिल और अमजद शेख ने पिछले विधानसभ चुनाव से पहले ही कांगेस पार्टी छोड़ने का ऐलान करते हुए भाजपा को मदद की थी और अब कांग्रेस की नगरसेविका सारा अकरम ने तो महाराष्ट्र प्रदेश कांगेस कमिटी के कार्याध्यक्ष और मीरा भाईंदर के वरिष्ठ नेता मुजफ्फर हुसैन और कांग्रेस गटनेता जुबेर इनामदार के खिलाफ खुलकर अपना मोर्चा खोल रखा है और वो कोई ऐसा मौका नहीं चुकती जब वो इन नेताओं के खिलाफ खड़ी हो जाती है। अब नयानगर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन की जा रही लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। लेकिन एक बात तो तय है की कोंग्रेसी नेताओं की अंदरूनी राजनीति के चक्कर में बेचारे वो तीन युवक बेवजह फंस गए है। इसलिए कहते हैं की कभी कभी करता कोई और है और भरता कोई और!!!

प्रतिक्रिया





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Visitor

Visitor Name : Azharuddin Sayed

Email : moin_Sayed44@yahoo.co.in

Comments : Very Good Coverage

08/05/2020
Visitor

Visitor Name : Azharuddin Sayed

Email : moin_Sayed44@yahoo.co.in

Comments : Very Good Coverage

08/05/2020
Visitor

Name : xyz

Email : xyz@gmail.com

Reply : good

11/05/2020
Visitor

Visitor Name : Sajid patni

Email : Aurangzaibpatni@gmail.com

Comments : नयानगर में बज्मे रजा कमेटी की माध्यम से लोगों की सहायता करने के लिए हमेंशा तत्पर रहने वाले इब्राहिम सैयद और रफीक शैख यह युवकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है. नयानगर की अवाम के हित में अपना फर्ज समझते हूऐ मनपा आयुक्त से सिर्फ चर्चा की इन भाइयों ने तो क्या गलत है. रमजान के पवित्र माह में लोगों को कुछ राहत मिल सके राहत सामग्री उपलब्ध हो सके इस नियत से काम कर रहे इब्राहिम सैयद और रफीक शैख और अब्दुल रहमान रजवी इस कठिन समय में भी अपनी उपस्थिति में लोगों की सहायता करने में लगे हुए हैं. अफसोसजनक बात है कि कॉग्रेस नेताओं की अंदरूनी राजनीति के चलते इन युवाओं को फसाया जा रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

03/05/2020










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