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नई दिल्ली: कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए एक ज्ञापन में ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न द्वारा भारत में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है और संबंधित अधिकारियों द्वारा सख्त और तत्काल कार्रवाई की मांग की है जिससे सबको यह कड़ा संदेश जाए कि भारत में कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कैट ने आगे पीएम मोदी से भारत में हर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर किए गए लेन-देन की सख्ती से निगरानी करने के लिए एक मजबूत तंत्र स्थापित करने का आग्रह किया, जो या तो सामान बेच रहा है या सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह देखा गया है कि भारत में अपनी स्थापना के बाद से अमेज़न जैसे कई प्रमुख ई-कॉमर्स पोर्टलों द्वारा ई-कॉमर्स पर अवांछनीय गतिविधियाँ की जा रही है और बिना किसी बाधा के यह कम्पनियाँ कुप्रथाओं को जारी रखे हुए हैं ।

यह खेद की बात है कि 2016 के बाद से विभिन्न एजेंसियों से कई बार शिकायत करने के बाद भी उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके लिए देश भर के व्यापारियों में गहरा आक्रोश और आक्रोश है यह बताया केट के महानगर अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने पीएम मोदी को भेजे गए पत्र में कहा कि अमेज़ॅन पर पिछले कई वर्षों से कदाचार, अवैध व्यवसाय प्रथाओं और कानून और नियमों के उल्लंघन में लिप्त होने का आरोप है, लेकिन हाल ही में प्रकाश में आए सनसिखेज मामले जिसमें अमेज़ॅन के ई-पोर्टल के माध्यम से गाँजा का एक बड़ा आंख खोलने वाला मामला है कि लाभ कमाने के लिए ये कंपनियां प्रतिबंधित सामानों की बिक्री सहित कुछ भी या सब कुछ कर सकती हैं।

ठक्कर ने आगे कहा की इस बात पर अत्यधिक खेद व्यक्त किया कि जब भी सरकार अमेज़ॅन के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की योजना बनाती है, तो उनके पास एक स्टीरियो टाइप उत्तर होता है कि कंपनी आंतरिक जांच कर रही है। प्रासंगिक सवाल यह है कि क्या अमेज़न सरकार से बड़ा है। हर बार जब अवैधता होती है तो वे बाहरी जांच से बचने के लिए आंतरिक जांच शुरू करते हैं। हमारी एजेंसियां ​​उनकी जांच को भारतीय जांच से बड़ी मानती हैं और इसलिए कोई कार्रवाई नहीं करती हैं जिससे इन कंपनियों को अधिक से अधिक कदाचार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

कैट के महानगर वाइस चेयरमैन दिलीप माहेश्वरी ने बताया कि अमेज़ॅन अपने मार्केटप्लेस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से गाँजा के व्यापार की सुविधा प्रदान कर रहा है, जबकि वह केवल अनुमत वस्तुओं/सेवाओं की बिक्री और खरीद के लिए खरीदार और विक्रेता के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करने के लिए है। हालांकि, मध्य प्रदेश पुलिस के हालिया निष्कर्षों से यह स्पष्ट है कि मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म पर संचालित किए जा रहे ड्रग रैकेट अमेज़ॅन की जानकारी और सक्रिय भागीदारी हैं, लेकिन अमेज़ॅन इस तरह के नशीले पदार्थों को अपने गोदामों में संग्रहीत करके पूरी तरह से शामिल है और उनके ग्राहकों को दवाओं की सुरक्षित और सुरक्षित डिलीवरी के लिए डिलीवरी चैनल और बिक्री आय का बड़ा हिस्सा (66% के आदेश का) उनके लाभ/बिक्री कमीशन के रूप में लेना सबसे बड़ा सबूत है।

कैट के महानगर महामंत्री तरुण जैन ने कहा की यह आश्चर्यजनक है कि अमेज़ॅन जैसी वैश्विक दिग्गज, जिसने अपने तकनीकी मिथक के बल पर भारतीय बाजार में प्रवेश किया वो इस मामले से अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है। यह आश्चर्य की बात है कि अमेज़ॅन सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 के तहत “मध्यस्थ” की स्थिति का दावा कर रहा है। जबकि, यह निम्नलिखित कारणों से मध्यस्थ श्रेणी में नहीं आता ही नहीं है।

कैट ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कीं इस मामले की जाँच के लिए वरिष्ठ अधिकारी जो अन्वेषण विशेषज्ञ हैं को जोड़कर एक एसआइटी का गठन किया जाए ताकि इस संगीन मामले की समयबद्ध सीमा में त्वरित जाँच हो सके।

विशेष सूचना: यह लेख लोकहित न्यूज़ के संपादक द्वारा सम्पादित नही किया गया है।

संपर्क सूत्र : कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, महानगर इकाई

अध्यक्ष : शंकर वी. ठक्कर
मोबाईल :8655500600
ईमेल: svthakkar44@gmail.com

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