मनोरंजन

बंगाल की प्रतिभा अब बॉलीवुड के लिए तैयार, त्रिशा मंडल बन सकती हैं अगली बड़ी खोज

मुंबई, संवाददाता: भारतीय सिनेमा में पश्चिम बंगाल की अभिनेत्रियों का योगदान हमेशा से बेहद खास रहा है। चाहे सदाबहार अभिनेत्री सुचित्रा सेन हों, अपनी अदाकारी और गरिमा से दर्शकों का दिल जीतने वाली शर्मिला टैगोर, सहज अभिनय की मिसाल मौसमी चटर्जी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कोंकणा सेन शर्मा, छोटे पर्दे से बड़े परदे तक अपनी पहचान बनाने वाली मौनी रॉय या फिर दमदार अभिनय के लिए चर्चित पाओली डैम—इन सभी ने अपनी प्रतिभा के दम पर बॉलीवुड में अलग मुकाम हासिल किया है।

अब इसी सूची में एक नया नाम जुड़ने की तैयारी में है – त्रिशा मंडल।

कोलकाता की रहने वाली 25 वर्षीय त्रिशा मंडल ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले खुद को पूरी तरह तैयार करने का फैसला किया। उन्होंने सीधे फिल्मों की ओर रुख करने के बजाय अभिनय की बारीकियों को समझने और बॉलीवुड की कार्यशैली से परिचित होने के लिए अभिनेता अनुपम खेर के प्रतिष्ठित अभिनय संस्थान Actor Prepares से प्रोफेशनल एक्टिंग डिप्लोमा किया। इसी वर्ष जनवरी में उन्होंने अपना डिप्लोमा कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया और अब मुंबई में रहकर अपने अभिनय करियर की नई शुरुआत के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

हिंदी, अंग्रेजी और बंगाली भाषाओं पर समान पकड़ रखने वाली त्रिशा का मानना है कि एक कलाकार के लिए सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती। यही वजह है कि उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में उतरने से पहले खुद को तकनीकी और रचनात्मक रूप से मजबूत बनाया।

त्रिशा मंडल का अभिनय अनुभव भी काफी समृद्ध है। उन्होंने बंगाली शॉर्ट फिल्म “Bhalo Acho Rit?” में मुख्य भूमिका निभाई, जिसका निर्देशन बिमान आर. दास ने किया। इसके अलावा फीचर फिल्म “Rudra – The Beginning” में भी वह बतौर नायिका नजर आईं। इस फिल्म की लेखिका और निर्देशक मैत्रेयी पाखिरा हैं। उनकी एक और चर्चित शॉर्ट फिल्म “Prohelika” है, जिसका निर्देशन दिगंता रॉय ने किया। कुमार मनोजीत द्वारा निर्देशित और लिखित बंगला फिल्म ‘भूतर प्रेम कि हुई’ और ‘खतरनाक मंज़िल’ में भी मुख्य नायिका का किरदार निभाया। इसके साथ ही वह “OHHO Express” के प्रमोशनल म्यूजिक वीडियो का भी हिस्सा रही हैं।

सिर्फ फिल्मों तक ही नहीं, त्रिशा ने कई बंगाली टेलीविजन धारावाहिकों में भी अभिनय किया है, जहां उनके सहज और प्रभावशाली अभिनय को सराहा गया। छोटे पर्दे और क्षेत्रीय सिनेमा में अनुभव हासिल करने के बाद अब उनका लक्ष्य हिंदी फिल्म उद्योग में अपनी अलग पहचान बनाना है।

लगभग 5 फीट 4 इंच लंबी त्रिशा मंडल आज मुंबई में रहकर अपने सपनों को नई उड़ान देने में जुटी हैं। प्रतिभा, प्रशिक्षण और अनुभव का यह संगम उन्हें उन नई अभिनेत्रियों की कतार में खड़ा करता है, जिनसे आने वाले समय में बॉलीवुड को काफी उम्मीदें हो सकती हैं।

जिस तरह पश्चिम बंगाल ने समय-समय पर भारतीय सिनेमा को अनेक सशक्त अभिनेत्रियां दी हैं, उसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए अब त्रिशा मंडल भी तैयार हैं। आने वाला समय बताएगा कि यह नई प्रतिभा बॉलीवुड में किस तरह अपनी पहचान बनाती है, लेकिन इतना तय है कि उन्होंने अपनी तैयारी पूरी कर ली है और अब उनकी नजर बड़े पर्दे पर अपनी दमदार दस्तक देने पर है।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *