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चेना गोलीबारी कांड का आरोपी डॉ. राजेश पालांडे पर पहले भी लगे हैं बलात्कार जैसे गंभीर आरोप!

भाईंदर, संवाददाता: चेना-बेलकरी पाड़ा जंगल संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में हुई गोलीबारी के मामले का एक आरोपी डॉ राजेश पालांडे के बारे में अब एक नई जानकारी सामने आ रही है। डॉ. राजेश पलांडे पर इससे पहले भी बलात्कार और जालसाजी जैसे गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2001 में डॉ राजेश पालांडे पर बलात्कार के लिए ipc की धारा 376(d) और जालसाजी के लिए ipc 417 के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। बाद में बलात्कार वाले मामले में वो सेशन कोर्ट से बरी हो चुके थे लेकिन जालसाजी वाले मामले में उन्हें सजा सुनाई गई थी जिसके ख़िलाफ़ हाइकोर्ट में अपील की गई थी और वहां पर हाइकोर्ट ने उन्हें बरी किया था।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि पिछले 20 अक्टूबर को मीरा-भाईंदर क्षेत्र के अंतर्गत काशीमीरा के चेना-बेलकरी पाड़ा जंगल संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में हुई गोलीबारी के मामले मे जंगलों में अवैध शिकार के दौरान एक ६० वर्षीय बुजुर्ग की बंदूक की गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले को छिपाने के लिए एक डॉक्टर ने व्हॉट्सऐप वीडियो कॉल पर शव देखकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जिसके आधार पर परिजनों ने बिना पुलिस को जानकारी दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। काशीगांव पुलिस ने इस चौंकाने वाले मामले का भंडाफोड़ करते हुए डॉक्टर राजेश पालांडे सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना २० अक्टूबर २०२६ को तब सामने आई जब सहायक पुलिस निरीक्षक सुहास कांबले को मुखबिर से सूचना मिली कि चेनागांव निवासी विजय सापटे की जंगल में गोली लगने से मौत हो गई है और उनका शव गुपचुप तरीके से श्मशान भूमि में जला दिया गया है। पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुल पाटील के नेतृत्व में तुरंत जांच शुरू की और मृतक के बेटे रोहित सापटे व अन्य से पूछताछ की। जानकारी मिली कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के चेनागांव जंगल में कुल ७ लोग जंगली जानवरों का शिकार करने गए थे। रात करीब ९ बजे आरोपी महेश गायकर को सामने मोबाइल की लाइट दिखी। उसने समझा कि जानवर की आंखें चमक रही हैं और गोली चला दी। गोली विजय सापटे के सीने में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए। मामले को रफा-दफा करने के लिए आशीष हॉस्पिटल के डॉ. राजेश पालांडे ने व्हॉट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए शव देखकर मौत का फर्जी कागजात दे दिया। इसके बाद मृतक के बेटे व साथियों ने चेनागांव श्मशान घाट में शव जलाकर सबूत मिटा दिए।

राजनैतिक रसूख के चलते क्या पुलिस आरोपी डॉ. राजेश पालांडे को बचाने में लगी है?

बताया जा रहा है कि डॉ. राजेश पालांडे शिंदे गुट शिवसेना के डॉक्टर सेल के अध्यक्ष है और उनके परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के काफ़ी करीबी रिश्ते हैं। इसीलिए राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस आरोपी डॉक्टर को बचाने की कोशिश कर रही है और इसीलिए पुलिस ने अभी तक डॉ. राजेश पालांडे को सिर्फ़ नोटिस दिया है लेकिन गिरफ्तार नहीं किया है। अभी इस आरोप में कितनी सच्चाई है ये तो पुलिस की कारवाई से ही साफ़ हो जाएगा।

काशीगांव पुलिस ने फिलहाल मुख्य आरोपी महेश गायकर, मृतक के बेटे रोहित सापटे, कल्पेश डगला, कुणाल शेलार, काठोड लाबड, प्रवीण जाधव और डॉ. राजेश पालांडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा १०६(१), २३८ और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दो आरोपी महेश गायकर और काठोड लाबड को गिरफ्तार कर लिया है। काशीगांव पुलिस आगे की जांच कर रही है।

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